
आख़िर
झारखंड में 13, 20, 25 मई और 1 जून को 14 खंडों के लिए वोटिंग होती है। इससे पहले अब तक कुल 20,679 लोगों ने अपनी फ्रेंचाइजी का इस्तेमाल किया है। दरअसल, इस बार चुनाव आयोग ने बेघर और गरीब लोगों तक पहुंचने के लिए वोटिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा इलेक्ट्रोरेक्टर कार्य से जुड़े लोगों के पोस्टल बैलेट से वोटिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
पोस्टल बैलेट पेपर से 19,557 लोगों ने मतदान किया
राज्य के उप मुख्य अभियंता डॉ. नियो अरोड़ा ने गुरुवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब तक होम वोटिंग के तहत 911 लोगों ने मतदान किया है। वहीं, आवश्यक सेवा से जुड़े 211 मतदाताओं ने मतदान किया। इसी तरह के नाटकों में 2,05,525 मतदाता से 19,557 लोग पोस्टल बैलेट पेपर से मतदान कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि छठे चरण के चुनाव के लिए नाम वापसी के बाद चार संसदीय क्षेत्रों में अब 93 सीटें रह गयी हैं। गिरिडीह सचिवालय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से गुरुवार को दो लोगों ने अपना नाम वापस ले लिया। ऐसे ही यहां अब 16 सूट चुनावी मैदान में बचे हैं। किसी ने भी अपना नामांकन वापस नहीं लिया है। यहां से कुल 25 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
सामान और जेबी का पात्र 1 अरब, 13 करोड़ 69 लाख तक पहुंच
उन्होंने आगे बताया कि रांची निर्वाचन क्षेत्र से किसी भी संस्था ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है। यहां से कुल 27 आरामदायक चुनावी मैदान हैं। कम्यूनिटी संसदीय क्षेत्र से एक अभ्यर्थी ने अपना अभ्यर्थी वापस ले लिया है। यहां अब 25 अभ्यर्थी बचे हैं। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद झारखंड में सामान और चुनाव की जब्ती का पात्र 1 अरब, 13 करोड़ 69 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया है। (आईएएनएस बिजनेस के साथ)
