तिवारी ने कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले का दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बहुत नकारात्मक असर हुआ है तथा भारत पर भी बहुत व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि जब भी कच्चे तेल की कीमत 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ती है तो भारत पर 10 से 15 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ बढ़ता है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को सदन में अपने भाषण के माध्यम से देश को इस बात के लिए तैयार कर रहे थे कि आने वाले दिन कितने मुश्किल भरे हैं।
उन्होंने दावा किया कि 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव तक पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत नियंत्रित करने की कोशिश होगी, लेकिन एक मई, 2026 के बाद देश को नई आर्थिक वास्तविकता का सामना करना होगा।





